Sunday, 1 April 2012

अर्थ आॅवर

आज शाम को एक घंटे
मनाया गया अर्थ
hour ,
बंद कर दी लाइटें हमने
व अन्य चीज जो लेती elecreic पॉवर.

बहुत रोचक अहसास था,
मेरी ज़िन्दगी में तीसरी बार था,
कुछ करने की उत्सुकता थी
उर्जा बचाने का एक प्रयास था.

कसमे खाई हमने उस घंटे,
उर्जा तो हमीं बचाएंगे;
खुद तो बदलेंगे ही,
पूरे जहां में भी बदलाव लायेंगे.

पूरा विश्व आज मेरे साथ था,
कहीं न कहीं
हर हाथ में एक हाथ था;
प्रतिज्ञा कर रहे थे हम
धरती को बचाने की.
मानवता को आगे ले जाने व
खुशिओं की बहार लाने की.

दोस्तों के साथ में,
घूम रहा था उस घंटे...
रास्ते में खड़े, ऊँचे पेड़,
आकाश में निकले तारे,
शांत थी शमा,
हल्की हवा चलती हुई
यह एक खूबसूरत अहसास था.

बातें की हमने अर्थ आॅवर की,
चिंता की पर्यावरण की,
फैसला किया की हमी,
बदलेंगे ये जहां.

पूरा विश्व गवाह था,
उस ऐतिहासिक पल का;
लोगों ने मतलब समझा,
उर्जा संरक्षण का.

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