Thursday, 20 December 2018

चम्मच

तुमको चाहिए था एक चम्मच,
तो आविष्कार हुआ चम्मच का
तुम्हारे लिए...
और सब बर्बाद हो गया
कैसे ?

पहले ढूंढा गया कच्चा लोहा
एक जंगल के तले
जंगल उजाड़ दिया, जानवरों को मार दिया
और खोद दी धरती
निकाला कच्चा लोहा
जिससे बनाना था स्टील.

लोहे को जलाने को जरूरत थी
अत्यधिक गर्मी की
और उसके लिए चाहिए था कोयला
जो दबा था एक और जंगल तले

उस जंगल का भी वही हुआ
और निकाला गया, कोयला
फिर बनाया गया शुद्घ लोहा
जिसे दूसरे संयंत्र में फिर कोयला जलाकर
बनाया गया स्टील

फिर एक और कारखाने में
फिर से कोयला जलाकर
बनाया गया चम्मच
व फिर
सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर
तुम्हारे बाजार में आया चम्मच
जो तुमने दो रूपए का खरीदा
और सभ्य लोगों की तरह
भोजन किया.

Thursday, 1 March 2018

आसान जीवन

जिंदगी कभी भार नहीं बनती
रिश्ते-नाते भार होते हैं
तोड़ दो उन्हें
आज़ाद कर दो खुद को
बंधनों से,
जीवन कितना खूबसूरत है
प्रकृति, कला, साहित्य, संगीत में
अनंत की ओर झांकने में
ऐसे जीवंत लोगों से बात करने में
सोने में, जागने में,
चलने में, दौड़ने में,
खाने में, पीने में,
जीने में, मरने में...
जीवन तो जन्नत है.
कितना आसान है जीना
बस किनारे करो बंधनों को
और चुन लो जीवन को!

मेरी कृति - अभिषेक (01-03-18, 11 PM)₹ww

लेखन-बूटी

जीवन जब दर्द से छलकता है
वक्त जब नासूर बन जाता है
तो लेखन ही काम आता है
अपने दर्द को निकालकर
कागज पर उड़ेलकर
किसी फाइल में बंद करने में!