Thursday, 1 March 2018

आसान जीवन

जिंदगी कभी भार नहीं बनती
रिश्ते-नाते भार होते हैं
तोड़ दो उन्हें
आज़ाद कर दो खुद को
बंधनों से,
जीवन कितना खूबसूरत है
प्रकृति, कला, साहित्य, संगीत में
अनंत की ओर झांकने में
ऐसे जीवंत लोगों से बात करने में
सोने में, जागने में,
चलने में, दौड़ने में,
खाने में, पीने में,
जीने में, मरने में...
जीवन तो जन्नत है.
कितना आसान है जीना
बस किनारे करो बंधनों को
और चुन लो जीवन को!

मेरी कृति - अभिषेक (01-03-18, 11 PM)₹ww

लेखन-बूटी

जीवन जब दर्द से छलकता है
वक्त जब नासूर बन जाता है
तो लेखन ही काम आता है
अपने दर्द को निकालकर
कागज पर उड़ेलकर
किसी फाइल में बंद करने में!