किसी से दो पल के लिए नैना लागे,
तो भी दूर जाने पर बड़ा दुख होता है,
9 महीने पेट में रखे बछड़े को,
डेयरी में जब मां(गाय) से अलग किया जाता है,
तो सोचो क्या सितम होता है!
गैरों की एक झलक भी,
तुम्हें दीवाना बना देती है,
सोचो, मां-बच्चे का गाय-बछड़े का स्नेह,
तुम्हारी दूध की लालच में किस कदर पिसता है!
तो भी दूर जाने पर बड़ा दुख होता है,
9 महीने पेट में रखे बछड़े को,
डेयरी में जब मां(गाय) से अलग किया जाता है,
तो सोचो क्या सितम होता है!
गैरों की एक झलक भी,
तुम्हें दीवाना बना देती है,
सोचो, मां-बच्चे का गाय-बछड़े का स्नेह,
तुम्हारी दूध की लालच में किस कदर पिसता है!
