Monday, 25 May 2015

प्रेम महसूस कीजिए

आप मांसाहारी हैं,
आप मांस खाना चाहते हैं!
उन तड़पते जानवरों की पीड़ा का
क्या आपको अनुभव नहीं होता?

आप उन मासूमों को
बेरहमी से मारे जाते देखते हैं,
क्या आप कांप नहीं उठते?
क्या आपको वह कृत्य सामान्य लगता है?

आप उन्हें पिंजरों में कैद देखते हैं,
आप उन्हें पीड़ा से फड़फड़ाते देखते हैं,
क्या आपको उन पर तरस नहीं आता?
क्या आपको उनका दु:ख नहीं दिखता?

जब आप मांस खाते हैं,
जब आप एक मृत शरीर खाते हैं...
तो क्या उस जानवर का चेहरा,
पीड़ा से कांपता, आपको डराता नहीं?

आप के पास आहिंसा का रास्ता है,
आपके पास प्रेम और शांति का रास्ता है,
क्या है जो आपको खूनी बनाता है?
क्या आपका दिल पत्थर का है?

उनकी चीख-पुकार-वेदना,
उनका दु:ख-दर्द देखिए...
उन्हें प्यार और मदद चाहिए
क्या प्रेम आपको आवाज़ नहीं देता?

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